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    गंगा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के लिए अडानी को पैसों की नो टेंशन, SBI ने लिया ये फैसला

    अडानी एंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां- बदायूं हरदोई रोड प्राइवेट लिमिटेड (बीएचआरपीएल), हरदोई उन्नाव रोड प्राइवेट लिमिटेड (एचयूआरपीएल) और उन्नाव प्रयागराज रोड प्राइवेट लिमिटेड (यूपीआरपीएल) ने फाइनेंशियल क्लोजर हासिल कर लिया है। इसका मतलब ये हुआ कि अब इस प्रोजेक्ट के लिए अडानी एंटरप्राइजेज की सब्सिडरी को कर्ज मिल सकेगा।

    क्या कहा अधिकारी ने: अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के रोड बिजनेस के सीईओ केपी माहेश्वरी ने कहा-भारत रिकॉर्ड गति से सड़क के इंफ्रा का निर्माण कर रहा है। हम पूरे देश में बहुत जरूरी सड़क संपर्क का निर्माण कर खुश हैं। उन्होंने आगे बताया कि एसबीआई ने गंगा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के लिए 10,238 करोड़ रुपये की लोन जरूरतों को इजाजत दे दी है। एसबीआई की इस सुविधा के साथ हम अपने देश और यूपी राज्य को एक और ऐतिहासिक इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए एक कदम आगे बढ़ गए हैं।

    क्या है प्रोजेक्ट: उत्तर प्रदेश में छह लेन की ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे की 594 किलोमीटर की लंबाई है। इसमें अडानी एंटरप्राइजेज बदायूं से प्रयागराज तक 464 किलोमीटर का निर्माण करेगी। बता दें कि पीपीपी मॉडल के तहत एक्सप्रेस-वे की 6 लेन को आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। 

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    अडानी एंटरप्राइजेज का सड़क पोर्टफोलियो 6,400 लेन किलोमीटर से अधिक और संपत्ति मूल्य 44,000 करोड़ रुपये है। यह भारत के दस राज्यों में फैला हुआ है। इनमें उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, गुजरात, पश्चिम बंगाल और ओडिशा शामिल हैं। 

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