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    मुफ्त राशन से DA तक: 81 करोड़ लोगों को होगा फायदा, 55 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही मोदी सरकार

    केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में दो अहम फैसले लिए गए हैं। पहले फैसले के तहत सरकार ने गरीबों को मुफ्त अनाज देने की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि तीन माह यानी दिसंबर, 2022 तक बढ़ा दी है। वहीं, केंद्रीय कर्मचारियों एवं पेंशनधारियों के लिए 4 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता (डीए) और राहत की किस्त जारी करने को अनुमति दे दी गई है। 

    केंद्रीय कैबिनेट के ये दो फैसले कुल 81 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित करने वाले हैं। अब सवाल है कि इस फैसले की वजह से सरकार पर कितने रुपये का बोझ पड़ेगा। आइए इसके बारे में भी जान लेते हैं।

    कितना पड़ेगा बोझ: केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता और राहत की वजह से सालाना सरकारी खजाने पर 12,852 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इसी तरह,  प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि को बढ़ाए जाने की वजह से सरकार को अतिरिक्त 44,762 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इस तरह सरकार के दो फैसले की वजह से खजाने पर 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बोझ पड़ेगा। 

    आपको जानकारी के लिए बता दें कि गरीब कल्याण अन्न योजना अप्रैल, 2020 में शुरू हुई थी। इसके बाद अबतक इसपर 3.45 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। वहीं, तीन महीने के लिए बढ़ाये जाने से इस पर कुल खर्च लगभग 3.91 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।

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    क्या है योजना: इसके तहत 80 करोड़ गरीबों को पांच किलो गेहूं और चावल हर महीने दिया जाता है। यह योजना शुक्रवार 30 सितंबर को समाप्त हो रही थी। इसे अक्टूबर से दिसंबर, 2022 तक के लिये बढ़ाया गया है। इस दौरान 122 लाख टन खाद्यान्न मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।

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